चीन की दीवार क्या लांघी 8 महीने में आधी हो गई हैसियत, जानिए क्या है Jack Ma की कहानी
चीन की दीवार क्या लांघी 8 महीने में आधी हो गई हैसियत, जानिए क्या है Jack Ma की कहानी

नई दिल्‍ली। दुनिया के 25वें सबसे अमीर शख्स रहे जैक मा (Jack Ma) का अंपायर धीरे-धीरे ढह रहा है। चीनी सरकार की बेरुखी इतनी बढ़ गई है कि एक साल पहले जिस अंपायर का Valuation 1326 अरब डॉलर था। वह आज घटकर आधा हो गया है। खासकर Ant Group का कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है। पहले उसका IPO कैंसिल हुआ, फिर कंपनी के कारोबार का बिकना। कुलमिलाकर Jack Ma के लिए राह आसान नहीं है। एक-एक कर उनका Group पर से नियंत्रण खत्‍म हो रहा है। अपनी हिस्‍सेदारी बेचनी पड़ रही है।

क्‍या हुआ कारोबार का

Alibaba का Valuation अक्‍टूबर 2020 में 857 अरब डॉलर था जो अब घटकर 588 अरब डॉलर पर आ गया है। वहीं Ant group का अगर बीते साल IPO आता तो यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑफर हो सकता था। लेकिन ऐन मौके पर यह कैंसिल हो गया और उसके साथ ही Jack Ma की गर्दिश के दिन चालू हो गए। IPO के साथ Ant group का Valuation 470 अरब डॉलर का होता। लेकिन अब group महज 108 अरब डॉलर का रह गया है।

कहां हुई भूल

Jack Ma से बीते साल बड़ी भूल हुई जब उन्‍होंने चीनी राष्‍ट्रपति की आलोचना की थी। Jack Ma ने चीनी सरकार से अपील की थी कि व्यवस्था में ऐसा बदलाव किया जाए जो व्यवसाय में नई चीजें शुरू करने के प्रयास को दबाने की कोशिश न करे। उन्होंने वैश्विक बैंकिंग नियमों को 'बुजुर्गों का क्लब' करार दिया था। जैक मा का ये भाषण चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को पसंद नहीं आया था। इसके बाद से उनकी कंपनियों को निशाना बनाया जाने लगा।

साल भर में बदल गए दिन

इससे हुआ यह कि एक साल पहले Jack Ma चीन के सबसे अमीर आदमी थे। उन्‍होंने चीन की सबसे बड़ी Tech company Alibaba और दुनिया की सबसे बड़ी Fintech Company Ant Group को बनाया था। लेकिन अब सब बदल रहा है।

IPO का कैंसिल होना

Ant Group के IPO का cancel होना Jack Ma के नुकसान की सबसे बड़ी वजह बना है। न वह चीनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते और ही ऑफर कैंसिल होता। लेकिन होना कुछ और था। Jack Ma अगर Ant Group का IPO लाते तो उसका Valuation 34.5 अरब डॉलर का होता। 2014 में जब उन्‍होंने Alibaba का ऑफर लॉन्‍च किया था तो वह 25 अरब डॉलर का था।

मीडिया सेक्‍टर में एंट्री बनी वजह

मार्च में चीन सरकार ने उनके समूह अलीबाबा को अपनी मीडिया परिसंपत्तियों को बेचने का आदेश दिया। द वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) ने इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का हवाला देते हुए बताया था कि बीजिंग देश में जनता के बीच दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं।

2020 में आए मीडिया सेक्‍टर में

अलीबाबा ने बीते साल ही साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट का अधिग्रहण करते हुए मीडिया क्षेत्र में अपने कदम आगे बढ़ाए थे। यह एक ऐसा समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत 118 वर्ष पहले हांगकांग में हुई थी। कंपनी के पास चीन स्थित मीडिया कंपनियों में भी हिस्सेदारी है। टेक्नोलॉजी न्यूज साइट 36केआर, सरकार के स्वामित्व वाले शंघाई मीडिया ग्रुप, ट्विटर जैसे वीबो प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी के साथ-साथ कई लोकप्रिय चीनी डिजिटल और प्रिंट समाचार संस्थाओं में भी इसकी भागीदारी है।

एजेंसी में हिस्‍सेदार

इसके अलावा अलीबाबा ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ और झेजियांग और सिचुआन प्रांतों में स्थानीय सरकार द्वारा संचालित समाचार पत्रों के समूह के साथ संयुक्त उद्यम या साझेदारी भी स्थापित की है। चीनी नियामक अलीबाबा के मीडिया जगत में विस्तार को लेकर चिंतित है और कंपनी को अपनी मीडिया कंपनियों में भागीदारी पर काफी हद तक अंकुश लगाने के लिए योजना के साथ आने के लिए कहा है।

युवाओं की पहली पसंद

सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों में अलीबाबा की हिस्सेदारी का संयुक्त बाजार मूल्य आठ अरब डॉलर से ज्‍यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वीबो कॉर्प में लगभग 3.5 अरब डॉलर की हिस्सेदारी और बिलिबिली इंक में लगभग 2.6 अरब की हिस्सेदारी शामिल है। बिलिबिली इंक एक ऐसा वीडियो प्लेटफॉर्म है जो चीन के युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है।

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