ब्याज दरों में नहीं हुआ कोई बदलाव, रेपो रेट 4 प्रतिशत पर बरकरार

ब्याज दरों में नहीं हुआ कोई बदलाव, रेपो रेट 4 प्रतिशत पर बरकरार

नई दिल्ली। गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को केंद्रीय बैंक की MPC के प्रमुख दरों पर निर्णयों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, 'आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने कोविड-19 के असर को खत्म करने के लिए जब तक जरूरत पड़ती है, मौद्रिक रुख को उदार बनाए रखने का फैसला किया है। मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दर और बैंक दर 4.25 फीसद पर अपरिवर्तित हैं। रिवर्स रेपो रेट में भी किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।' 

गवर्नर शक्तिकांत दास की बड़ी घोषणाएं

  • ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक डिपोजिट का सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैंः आरबीआई पॉलिसी
  • भारतीय रिजर्व बैंक वित्तीय स्थिरता का माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम कॉन्टैक्ट इंटेंसिव सेक्टर के लिए 15,000 करोड़ रुपये की ऑन-टैप लिक्विडिटी की शुरुआत कर रहे हैं। इससे हॉस्पिटैलिटी, बस ऑपरेटर्स, टूरिज्म, सैलून और एविएशन सर्विसेज को अतिरिक्त लेंडिंग सपोर्ट मिलेगा।
  • आरबीआई विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में सक्रियता से हिस्सा ले रहा है। महामारी से लड़ने के लिए वित्तीय व्यवस्था का मजबूत रहना जरूरी है। वैश्विक स्तर पर उतार-चढ़ाव के बावजूद एक्सचेंज रेट स्थिर है। फॉरेक्स रिजर्व 598 बिलियन डॉलर पर पहुंच गए हैं। हमारा फॉरेक्स रिजर्व 600 बिलियन डॉलर होने के बिल्कुल करीब है।
  • एक अगस्त से नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) हर दिन उपलब्ध रखेगा। वर्तमान में यह सेवा सभी कार्यदिवसों को उपलब्ध रहती हैः आरबीआई पॉलिसी
  • इसके साथ ही वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में बाजार को मजबूती देने के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये मूल्य का G-SAP 2.0 लाया जाएगा। आरबीआई विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में सक्रियता से हिस्सा ले रहा है। महामारी से लड़ने के लिए वित्तीय व्यवस्था का मजबूत रहना जरूरी है।
  • एक अगस्त से नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) हर दिन उपलब्ध रखेगा। वर्तमान में यह सेवा सभी कार्यदिवसों को उपलब्ध रहती हैः आरबीआई पॉलिसी
  • दास ने कहा कि इंडस्ट्री में 36,545 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी डाली गई है। गवर्नमेंट सिक्योरिटीज 1.0 (G-Sec) के तहत 40,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां खरीदने के लिए एक अन्य अभियान चलाया जाएगा।
  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि आरबीआई का ध्यान लिक्विडिटी का समान रूप से वितरण करना है। हमें इकोनॉमी को वापस से ग्रोथ के रास्ते पर ले जाने के लिए सक्रिय रुख अख्तियार करने की जरूरत है।
  • दास ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी, पीएमआई डेटा, महामारी के दौरान कंपनियों के काम करने के तरीके और सामान्य मानसून की उम्मीद जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2021-22 में 9.5 फीसद की वास्तविक विकास दर का अनुमान है। वित्त वर्ष 2021-22 में महंगाई दर 5.1 फीसद पर बने रहने की संभावना है।
  • रेपो रेट चार फीसद पर यथावत, रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसद पर यथावत।
  • इस बार मौद्रिक नीति में केंद्रीय बैंक रेपो रेट में बदलाव नहीं। इसे 4 फीसदी पर बरकररार रखा गया, जबकि रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बना रहेगा।
  • कोर प्राइस पर दबाव बढ़ा हुआ बना रह सकता है। कम पाबंदियों की वजह से आर्थिक गतिविधियों पर असर एक दायरे में सीमित रह सकता है। हाई फ्रिक्वेंसी वाले संकेतक अप्रैल और मई, 2021 में शहरी मांग में मासिक आधार पर नरमी को दिखाते हैं। वैश्विक कारोबार में एक बार फिर से तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। राजकोषीय प्रोत्साहन और अधिक-से-अधिक लोगों के टीकाकरण से वैश्विक मांग में सुधार होने की संभावना है।
  • दास ने कहा कि अप्रैल में खुदरा महंगाई दर के 4.3 फीसद पर रहने से राहत मिली है।
  • मौद्रिक रुख को उदार बनाए रखा।
  • इस बार मौद्रिक नीति समीक्षा का फोकस आर्थिक ग्रोथ पर है।
  • मौद्रिक नीति समिति की दो, तीन और चार जून की बैठक हुई।
  • आरबीआई ने नीतिगत दरों में नहीं किया कोई बदलाव।

RBI Monetary Policy समिति की पिछली बैठक अप्रैल 2021 में हुई थी, तब भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। इस समय रेपो दर चार प्रतिशत पर और रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत पर है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर एम गोविंदा राव का कहना है कि देश के कई हिस्सों में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू आंशिक लॉकडाउन जैसी पाबंदियों से आर्थिक रिकवरी की रफ्तार को लेकर जोखिम बढ़ गया है। वहीं, Housing.com, Makaan.com और Proptiger.com के ग्रुप सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए रिजर्व बैंक अपने नीतिगत रुख को उदार बनाए रख सकता है।

कोटक महिंद्रा बैंक में ग्रुप प्रेसिडेंट (कंज्यूमर बैंकिंग) का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में मौद्रिक नीति समिति के पास बहुत ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं हैं। वहीं, TRUST AMC के सीईओ संदीप बागला का कहना है कि पॉलिसी में किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं है।

Share this story