दिल्ली सरकार ने वैक्सीन की कमी के कारण इस अभियान को बंद कर दिया
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दिल्ली सरकार ने जून के महीने में वैक्सीनेशन के लिए 'जहां बूथ, वहां वैक्सीनेशन' अभियान की शुरुआत की थी. जोर-शोर से शुरू हुए इस अभियान पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. दिल्ली सरकार ने वैक्सीन की कमी के कारण इस अभियान को बंद कर दिया है. दिल्ली सरकार की तरफ से वैक्सीनेशन बुलेटिन जारी करने वाली आम आदमी पार्टी (एएपी) की प्रवक्ता आतिशी ने इस संबंध में कहा है कि वैक्सीन की सप्लाई इतनी कम है कि इस तरह का अभियान चला पाना संभव नहीं है.

दिल्ली में 'जहां बूथ, वहां वैक्सीनेशन' अभियान की स्थिति को लेकर आतिशी ने कहा कि अगर वैक्सीन ही नहीं है तो अभियान कैसे चलेगा. ये अभियान हर हफ्ते हर वार्ड में शुरू किया गया था. उन्होंने कहा कि वैक्सीन एक दिन आती है अगले दिन लगाई जाती है फिर अगले दो दिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई जाती है. लिमिटेड सप्लाई के आधार पर कोई अभियान नहीं चलाया जा सकता.

क्या दिल्ली में वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता को लेकर किसी नए अभियान की योजना बनाई जा रही है क्योंकि तीसरी लहर का खतरा भी मंडरा रहा है? इस सवाल के जवाब में आतिशी ने कहा कि फिलहाल केंद्र सरकार के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं कि वैक्सीन की सप्लाई दी जाए. उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के लिए हॉस्पिटल बेड्स, ऑक्सीजन सप्लाई और हेल्थ असिस्टेंट की ट्रेनिंग का काम तेजी से चल रहा है लेकिन बचाव सिर्फ वैक्सीनेशन से ही होगा.

हरियाणा सरकार पर किया तंज

आतिशी ने दावा किया कि दिल्ली सरकार बहुत तेजी से वैक्सीनेशन करने के लिए तैयार है. दिल्ली सरकार हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की स्टाइल में वैक्सीनेशन नहीं करती कि कम वैक्सीन है तो धीरे-धीरे वैक्सीन लगाएं. जितनी जल्दी लोग वैक्सीनेट होंगे, वो खुद भी सुरक्षित होंगे और दिल्ली को भी सुरक्षित रखेंगे. गौरतलब है कि दिल्ली में 272 वार्ड हैं. 70 वार्ड में यह अभियान शुरू किया जाना था और हर हफ्ते 70-70 वार्ड में यह अभियान चलाया जाना था.

चार हफ्ते में अभियान पूरा करने का था लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने यह अभियान चार हफ्ते के अंदर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित था. इस अभियान के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को प्रशिक्षण दिया गया था. बीएलओ को हर घर में जाकर पूछना था कि आपके घर में 45 साल से अधिक उम्र के कौन हैं? उनके पास मतदाता सूची भी होगी. इससे भी पता चल जाता कि 45 साल से ऊपर के कौन हैं? क्या उनको वैक्सीन लग चुकी है? अगर किसी ने वैक्सीन नहीं लगवाई है, तो बीएलओ उन्हें वैक्सीनेशन का स्लॉट देकर आते कि लोग अपने पोलिंग स्टेशन पर इतने बजे आकर वैक्सीन लगवा सकते हैं.

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