कोविड-19 इंफेक्शन के बाद फेफड़ों को वापिस बना सकते हैं मजबूत, जानें स्पाइरोमीटर का सही इस्तेमाल और इससे जुड़ी गलतियां

कोविड-19 इंफेक्शन के बाद फेफड़ों को वापिस बना सकते हैं मजबूत, जानें स्पाइरोमीटर का सही इस्तेमाल और इससे जुड़ी गलतियां

नई दिल्ली। कोविड-19 संक्रमण रेस्पीरेटरी सिस्टम को अटैक कर, टिशूज़ को नुकसान पहुंचाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत पैदा होना शुरू हो जाती है। इसलिए संक्रमण से पहले और बाद में फेफड़ों को कम नुकसान पहुंचे और उन्हें मज़बूती देने के लिए कुछ व्यायाम करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

सांस से जुड़ी एक्सरसाइज़ करने से फेफड़े मज़बूत होते हैं और आपको सांस लेने में आसानी भी पहुंचाती हैं। फेफड़ों की मज़बूती के लिए आप स्पाइरोमीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्पाइरोमीटर क्या है?

इंसेंटिव स्पाइरोमीटर एक हैंडहेल्ड डिवाइस है, जो सर्जरी या फेफड़ों की बीमारी के बाद आपके फेफड़ों को ठीक होने में मदद करता है। स्पाइरोमीटर की मदद से सांस लेने और छोड़ने से आपके फेफड़ों को सक्रिय रखने और तरल पदार्थ से मुक्त रखने में मदद मिलती है। जब आप स्पाइरोमीटर की मदद से सांस से जुड़ी एक्सरसाइज़ करते हैं, तो उपकरण के अंदर मौजूद गेंदें या पिस्टन ऊपर उठते हैं, जिससे आपकी सांस की मात्रा को मापा जाता है।

यह उपकरण निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, या कोविड-19 जैसी सांस संबंधी बीमारियों से उबरने के लिए फायदेमंद होता है। इस डिवाइस का उपयोग दूसरों के सामने न करें, इससे संक्रमण का ख़तरा रहता है।

स्पाइरोमीटर को इस्तेमाल करने का सही तरीका?

स्पाइरोमीटर का उपयोग सांस लेने और सांस छोड़ने दोनों के लिए किया जा सकता है। सांस लेने के लिए इसे सीधा पकड़ें और सांस छोड़ने के लिए इसे उल्टा करके पकड़ें।

पहला स्टेप: कुर्सी या फिर अपने बेड के कोने पर आराम से बैठें।

दूसरा स्टेप: अपने स्पाइरोमीटर को आइ-लेवल पर सीधा पकड़ें।

तीसरा स्टेप: माउथपीस को मुंह में रखें और होंठों को कस कर बंद कर लें, ताकि हवा बाहर न निकले।

चौथा स्टेप: आहिस्ता से मुंह से सांस लें और कोशिश करें कि गेंदों को ज़्यादा से ज़्यादा ऊपर रखें। इसे 5 बार करें।

पांचवां स्टेप: अब स्पाइरोमीटर को उल्टा कर दें और गेंदों को ज़्यादा से ज़्यादा ऊपर रखने की कोशिश करें।

सांस लेने में दिक्कत न आए इसीलिए बीच-बीच में आराम भी करें। अगर आप स्पाइरोमीटर इस्तेमाल करते वक्त कमज़ोरी या बेहोशी महसूस करते हैं, तो इस एक्सरसाइज़ को फौरन रोक दें। इसे 10-12 बार से ज़्यादा न करें, क्योंकि इससे सांस फूल सकती है।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Share this story