क्या आप जानते हैं ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण, सिरदर्द से होती है शुरुआत

क्या आप जानते हैं ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण, सिरदर्द से होती है शुरुआत

नई दिल्ली। ब्रेन ट्यूमर एक ऐसी बीमारी है, जिसका समय पर इलाज न हो तो बेहद घातक साबित हो सकती है। ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेतों को समझना ज़रूरी है। ब्रेन ट्यूमर की शुरुआत होने पर ही व्यक्ति में कुछ लक्षण नज़र आने लगते हैं। हालांकि, ज़्यादातर लोग इन शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करने की ग़लती करते हैं। कई मरीज़ों में ब्रेन ट्यूमर के लक्षण इसकी शुरुआत से ही नज़र आने लगते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये लक्षण किसी अन्य बीमारी के कारण भी हो सकते हैं। इसलिए ब्रेन ट्यूमर को समझना और उसके लक्षणों को जानना बेहद ज़रूरी है।

किन लोगों में होता है ब्रेन ट्यूमर का जोखिम?

डॉ. शुचिन बजाज, उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के संस्थापक और निदेशक, ने बताया, " ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर का सही कारण स्पष्ट नहीं है। ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उनके आकार, प्रकार और स्थान पर निर्भर करते हैं। वयस्कों में सबसे आम तरह के प्राथमिक ब्रेन ट्यूमर हैं- एस्ट्रोसाइटोमा (astrocytoma), मेनिंगियोमा (meningioma) और ऑलिगोडेंड्रोग्लियोमा (oligodendroglioma) हैं।

पारिवारिक इतिहास और ज़्यादा एक्स-रे ब्रेन ट्यूमर के जोखिम का कारण बनते हैं। ब्रेन ट्यूमर का निदान चिकित्सक द्वारा चिकित्सा इतिहास और शारीरिक परीक्षण और मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विभिन्न विशिष्ट परीक्षणों के परिणामों के आधार पर किया जाता है।

ब्रेन ट्यूमर के उपचार के विकल्पों में सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी या उपचारों का संयोजन शामिल है।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण क्या हैं?

डॉ. राहुल जैन, वरिष्ठ सलाहकार न्यूरोसर्जरी, कोलंबिया एशिया अस्पताल, पालम विहार, गुड़गांव का कहना है कि ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके स्थान और आकार पर निभर करते हैं और अलग-अलग भी हो सकते हैं। दौरे पड़ना, सिरदर्द, उल्टी, धुंधला दिखना, यादाश्त कमज़ोर होना, मस्तिष्क के एक हिस्से में कमज़ोरी, व्यवहार में बदलाव या चक्कर आना कुछ सामान्य लक्षण हैं।

ऐसे लक्षण दिखने पर बिना समय गवाएं फौरन डॉक्टर से मिलना चाहिए। इमेजिंग, एमआरआई या सीटी स्कैन जैसे टेस्ट से समय पर निदान किया जा सकता है।

ब्रेन ट्यूमर का इलाज क्या है?

ब्रेन ट्यूमर का उपचार आमतौर पर सर्जरी से शुरू होता है, जिसका उद्देश्य ज़्यादा से ज़्यादा ट्यूमर को हटाना होता है। उपचार के अगले चरण में, एक मरीज़ कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी से गुज़रता है, जिसका उद्देश्य ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट करना है, जो सर्जरी के बाद छूट गई होती हैं। हालांकि, ब्रेन ट्यूमर से संबंधित कोई निश्चित निवारक तरीके नहीं हैं।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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