उम्र के हिसाब से कितने कदम चलना जरूरी? जानिए Walk करने के फायदे
उम्र के हिसाब से कितने कदम चलना जरूरी? जानिए Walk करने के फायदे

नई दिल्ली। वॉक करना हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी है। यह एक ऐसा वर्कआउट है जिसमें आपकी पूरी बॉडी एक्टिव रहती है। वॉक का असर हर उम्र के लोगों पर अलग-अलग पड़ता है। इस दौरान आपके शरीर का हर अंग तेजी से काम करने लगता है। अगर आप नियमित रूप से पैदल चलते हैं तो आपको किसी और एक्सरसाइज को करने की जरूरत नहीं है। वॉक करने से बहुत जल्दी कैलोरी बर्न होती है और वजन कंट्रोल रहता है। पैदल चलना मुश्किल काम नहीं इसके लिए आप दिनभर में कभी भी वक्त निकाल सकते हैं। वॉक के दौरान सबसे जरूरी है कि आप अपनी उम्र के हिसाब वॉक करने का समय और गति पर खास ध्यान दें। आइए जानते हैं कि वॉक करने के कौन-कौन से फायदे है और हेल्दी रहने के लिए उम्र के हिसाब से कितना पैदल चलना जरूरी है।

कितनी देर करें वॉक:

स्वस्थ रहने के लिए एक इनसान को कम से कम दिन में आधा घंटा जरूर चलना चाहिए। अगर कदम की बात करें तो करीब 10,000 कदम यानि 6 से 7 किलोमीटर रोज चलना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ध्याटन रखें कि आपको नॉर्मल से थोड़ा तेज चलने की जरूरत है,

बुजुर्ग हैं तो इतना करें वॉक:

बुजुर्ग आदमी को अपनी सामान्य चाल में उतनी ही देर चलना चाहिए, जितनी देर में वह थक जाएं। वॉक करते वक्त लंबी सांस लेनी चाहिए ताकि फेफड़ों को भरपूर ऑक्सीजन मिल सके। रोज सुबह शाम टहलने से आप दिन भर एनर्जेटिक महसूस करेंगे।

वॉक करने के फायदे:

वॉक करने से दिमाग होता है तेज़:

पैदल चलने से आपका दिमाग तेज़ होता है। जब आप पैदल चलते हैं तो आपके मतिष्क में बदलाव होता है जिसका असर आपके दिमाग पर भी पड़ता है। एक रिसर्च की मानें तो पैदल चलने से दिमाग और तंत्रिका तंत्र में मौजूद हॉर्मोन बढ़ते हैं जिससे तनाव कम होता है और दिमाग दुरुस्त रहता है।

वेट कंट्रोल करना चाहते हैं तो वॉक करें:

यदि आप अपने वजन को कम करने के साथ शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो नियमित रूप से वॉक करने की आदत डालें। बाजार जाने के लिए या आस-पास के छोटे-छोटे कामों के लिए कार या बाइक का इस्तेमाल करने से बचें। आप जितना वॉक करेंगे, उतना स्लिम और तंदुरुस्त रहेंगे।

डायबिटीज के मरीज जरूर करें वॉक:

शुगर खराब लाइफस्टाइल और खान-पान से पनपने वाली बीमारी है। शुगर को कंट्रोल रखना है तो पैदल जरूर चलें। अगर आप 3000 से 7500 कदम रोज चलते हैं तो आपके रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है।

पाचन दुरुस्त करती है वॉक:

आप भर पेट खाना खाते हैं और बिस्तर पर आराम करते हैं तो आपका पाचन कमजोर पड़ने लगता है। शरीर में पाचन क्रिया के कमजोर होने से कब्जियत, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, दस्त जैसी शिकायत बढ़ने लगती है। पाचन में सुधार लाने के लिए वॉक करें। वॉक न केवल आपके पाचन तंत्र को मजबूत करती है, बल्कि इससे आपका वेट भी कंट्रोल रहता है।

डिप्रेशन का उपचार है वॉक:

वॉक करने से कोशिकाओं को ऑक्सीजन मिलती है, जिससे तनाव का स्तर कम होता है। हम वॉक करते हैं तो चलते समय हम अंदर और बाहर सांस लेते हैं, जो तनाव को बाहर निकालने में मदद करता है। अगर आपको डिमेंशिया की बीमारी यानी भूलने की बीमारी है तो वॉक करने की आदत डालें। वॉक करने से जहां आपकी याददाश्त तेज होगी, वहीं आप में आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। 

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