मुंबई: बारिश के चलते रेल पटरियां अपनी जगह से खिसक गईं
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत कुछ इलाकों में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही हे। इससे जगह-जगह जलभराव के कारण सड़क यातायात के साथ ही रेल सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। वहीं अब भूस्खलन और भारी बारिश के कारण मुंबई का संपर्क नासिक और यूपी-बिहार समेत कुछ राज्यों से टूट गया है।

मुंबई और आस-पड़ोस के इलाकों में रातभर हुई भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई और यहां से पास कसारा घाट एवं अन्य इलाकों में कुछ रेल पटरियां अपनी जगह से खिसक गईं तथा कुछ स्थानों पर मिट्टी धंसने एवं बड़े पत्थर गिरने से लंबी दूरी की और स्थानीय ट्रेन सेवाएं बुरी तरह बाधित हुईं। रेलवे के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों को विभिन्न स्थानों पर रोका गया और फंसे हुए रेल यात्रियों के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की गई। मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता शिवाजी सुतार ने बताया कि मध्य रेलवे की उपनगरीय ट्रेन सेवाएं बुधवार रात से दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से पड़ोस के ठाणे जिले में केवल अंबरनाथ स्टेशन और टिटवाला तक चल रही हैं।

शिवाजी सुतार ने बताया कि भारी बारिश के कारण इस रेलवे खंड पर विभिन्न स्थानों पर रेलवे पटरियां बह जाने, पत्थरों के गिरने और बाढ़ एवं मिट्टी धंसने के बाद तितवाला से इगतपुरी (ठाणे से सटे नासिक जिले में) और अंबरनाथ से पड़ोस के पुणे जिले में लोनावला तक ट्रेन परिचालनों को रोक दिया गया है।

रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को रात सवा दस बजे मध्य रेलवे ने यहां से 120 किलोमीटर दूर कसारा के पास अंबरमाली स्टेशन के पास पटरियों पर बहुत ज्यादा पानी भर जाने और कसारा घाट पर पत्थर टूटकर गिरने की घटनाओं के बाद टिटवाला और इगतपुरी रेल खंड के बीच मध्य रेलवे ने यातायात निलंबित कर दिया।

उन्होंने बताया कि बाद में देर रात 12 बजकर 20 मिनट पर मध्य रेलवे ने मुंबई से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित वंगानी स्टेशन के पास बाढ़ आने और खंडाला घाट खंड में कुछ पत्थरों के गिरने के बाद अंबरनाथ और लोनावला के बीच यातायात रोक दिया।

मध्य रेलवे ने कहा कि कुछ घंटों तक हुई भारी बारिश के कारण रेल पटरियों और अन्य उपकरणों को भारी नुकसान हुआ है। सुतार ने बताया कि दोनों खंडों पर ट्रेनों का संचालन बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
 

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