देश के लिए 'संजीवनी पहाड़' बना बोकारो
देश के लिए 'संजीवनी पहाड़' बना बोकारो

बोकारो की पहचान इस्पात उत्पादन और बेहतर शिक्षा के लिए पूरे देश थी। इस कोरोना की महामारी में जब जान बचाने के लिए ऑक्सीजन के लिए पूरे देश में हाहाकार मचा तब बोकारो को एक नई पहचान और मिली और पूरा देश एक सुर में बोल उठा कि देश के लिए 'संजीवनी पहाड़' है बोकारो। जी हां, बोकारो जिले के बोकारो स्टील सिटी स्थित बोकारो स्टील प्लांट ने पूरे देश को लगातार ऑक्सीजन आपूर्ति कर न जाने कितने लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकालकर जिंदगी दी है। प्लांट 24 घंटे इस काम में लगा हुआ है और इसके कर्मी बगैर थके दिन रात पसीना बहा रहे है।


  आपको बता दें कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस से बीएसएल द्वारा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति लगातार जारी है। विगत 23 अप्रैल से 27 अप्रैल तक कुल 6 रेक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति बोकारो स्टील प्लांट से की जा चुकी है। इनमें से पाँच रेक में 15 टैंकर लखनऊ के लिए और एक रेक में 6 टैंकर भोपाल के लिए भेजी गई है। लखनऊ के लिए 5 टैंकर का एक और रेक 76 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर 28 अप्रैल देर शाम रवाना हुआ जबकि देर रात तक एक और रेक लखनऊ से बोकारो पहुँचने की संभावना है। इस प्रकार बीएसएल द्वारा 28 अप्रैल तक कुल 332 मेट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का डिस्पैच ऑक्सीजन एक्सप्रेस से की गई है।


 ऑक्सीजन एक्सप्रेस से आपूर्ति के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का रोड डिस्पैच भी जारी है। 01 - 27 अप्रैल तक बोकारो स्टील प्लांट से  झारखंड समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल इत्यादि में 3000 मेट्रिक टन से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भेजी जा चुकी है।
  प्लांट के डायरेक्टर इंचार्ज अमलेंदु प्रकाश का संकल्प है कि जब तक देश को जरूरत होगी लगातार आपूर्ति जारी रहेगी।

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