Remdesivir और Steroids का न करें इस्तेमाल, बच्चों के लिए केंद्र की नई गाइडलाइंस

Remdesivir और Steroids का न करें इस्तेमाल, बच्चों के लिए केंद्र की नई गाइडलाइंस

केंद्र ने बुधवार देर रात बच्चों में Covid-19 के मैनेजमेंट और देखरेख के लिए दिशानिर्देशों की एक लिस्ट जारी की। ऐसा इसलिए क्योंकि तीसरी लहर में बच्चों पर संक्रमण का ज्यादा असर होने को लेकर चिंता जारी है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने बच्चों में एंटी-वायरल दवा रेमडिसीविर (Remdesivir) के इस्तेमाल न करने की सलाह दी।

ये नए नियम तब आए हैं, जब भारत में राष्ट्रीय कोरोनावायरस टास्क फोर्स से जुड़े शीर्ष डॉक्टरों ने कहा है कि बच्चों के लिए इस तरह के किसी भी खतरे का सुझाव देने के लिए कोई डेटा नहीं है।

AIIMS के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि 60 से 70 प्रतिशत बच्चे, जो संक्रमित हो गए और दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती हुए, उनमें या तो कोमोरबिडिटी थी या उनकी इम्यूनिटी लो थी। दूसरी तरफ जो बच्चे स्वस्थ थे, उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी और वे हल्की बीमारी के साथ रिकवर हो गए।

डॉ. वीके पॉल ने कहा कि ये निश्चित नहीं है कि तीसरी लहर बच्चों को विशेष रूप से प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा, "अब तक, बच्चे बड़ों की तरह ही संक्रमण से प्रभावित हुए हैं।"

बच्चों के लिए सरकार के नए दिशानिर्देश:

हल्का संक्रमण (Mild infection)-

- स्टेरॉयड असिम्प्टोमैटिक और संक्रमण के हल्के मामलों में हानिकारक होते हैं और चिकित्सा या प्रोफिलैक्सिस के लिए एंटीमाइक्रोबियल दवाओं का सुझाव नहीं दिया जाता है।

- HRCT इमेजिंग के तर्कसंगत इस्तेमाल की सिफारिश की गई है।

- हल्के संक्रमण के लिए पेरासिटामोल 10-15 mg/kg/डोज हर 4 से 6 घंटे में बुखार और गले के लिए दिया जा सकता है। खांसी के लिए बड़े बच्चों और किशोरों में गर्म नमकीन गरारे करने की सलाह दी गई है।

मध्यम संक्रमण (Moderate infection)-

- मध्यम संक्रमण के मामले में, दिशानिर्देश तत्काल ऑक्सीजन थेरेपी शुरू करने का सुझाव देते हैं।

- मध्यम बीमारी वाले सभी बच्चों में कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स की जरूरत नहीं होती है।

गंभीर संक्रमण (Severe infection)-

- बच्चों में गंभीर मामलों के लिए, दिशानिर्देशों के अनुसार यदि एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम विकसित होता है, तो जरूरी प्रबंधन शुरू किया जाना चाहिए।

- यदि सुपरएडेड बैक्टीरियल संक्रमण के सबूत या मजबूत संदेह हैं, तो एंटीमाइक्रोबायल्स दी जानी चाहिए। ऑर्गन डिसफंक्शन के मामले में बच्चे को ऑर्गन सपोर्ट की जरूरत भी हो सकती है।

- कार्डियोपल्मोनरी एक्सरसाइज टॉलरेंस का आकलन करने के लिए माता-पिता/अभिभावकों की देखरेख में 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को छह मिनट पैदल चलाने सिफारिश की जाती है और हाइपोक्सिया का पता लगाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। बच्चों की उंगली पर पल्स ऑक्सीमीटर लगाएं और बच्चे को अपने कमरे अंदर ही छह मिनट तक लगातार चलने के लिए कहें।

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