मानसून सत्र के दौरान किसान संसद घेरने की तैयारी में, जंतर-मंतर पर तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ देंगे धरना
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मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान किसान संसद घेरने की तैयारी में हैं. दिल्ली पुलिस और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच हुई बैठक में किसानों का कहना है कि वे संसद सत्र के दौरान ही संसद के बाहर, यानी जंतर-मंतर पर तीनों कृषि कानूनों (Farmer law) के खिलाफ धरना देंगे. किसानों ने साफ किया है कि वे 22 जुलाई से 200 की संख्या में 5 अलग-अलग बसों में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे.

किसान नेता शिव काका ने कहा कि 200 लोग बसों के जरिए 5 अलग-अलग बसों से जाएंगे. 10 बजे से 5 बजे तक किसान वहां रहेंगे. हर दिन एक स्पीकर और एक डिप्टी स्पीकर का चुनाव किया जाएगा. पहले दो दिनों में एपीएमसी एक्ट पर चर्चा होगी. बाद में, अन्य विधेयकों पर भी हर दो दिनों में चर्चा की जाएगी, "किसान नेताओं ने मंगलवार को कहा. सबके पास आधार और संगठन का कार्ड होगा. हर 4 व्यक्ति पर एक मुखिया की तैनाती की जाएगी.

संसद मार्च में टीकरी बॉर्डर से भी शामिल होंगे किसान

किसानों के 22 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में टीकरी बॉर्डर से भी किसान शामिल होंगे. कल 2 बजे टीकरी बॉर्डर से किसानों का एक जत्था सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना होगा. बुधवार को किसान 2 बजे से सिंघू बॉर्डर जाएंगे. संसद मार्च में शामिल होने वाले किसानों का पहचान पत्र बनाया जाएगा. जत्थेबंदी का लीडर मार्च में शामिल होने वाले किसान की पहचान करेगा. हर जत्थेबंदी से 5 किसान मार्च में शामिल होंगे.

क्या बोले किसान नेता राकेश टिकैत?

वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 22 जुलाई को 200 लोग संसद जाएंगे. आज मीटिंग में फैसला होगा कि किस-किस तरीके से कौन-कौन, कब जाएगा. किसानों के हंगामे की खबरों पर राकेश टिकैत ने साफ कहा है कि 200 लोग क्या हंगामा करेंगे जब 25 लाख लोग गए थे, तब कुछ नहीं हुआ था. हम हंगामा काटने नहीं जा रहे हैं. हम किसान हैं. जंतर-मंतर पर कई बैठकें होती हैं, वहां हम जाना चाहते हैं. हम पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन के आगे नहीं जाएंगे.

राकेश टिकैत ने कहा कि अगर ट्रैक्टर लेकर जाएंगे तो क्या हम इनसे रुक पाएंगे. उनका इशारा सुरक्षाबलों की ओर था. उन्होंने कहा कि हम केवल 200 की संख्या में जाएंगे, जब ट्रैक्टर लेकर जाएंगे, तब भी बताकर ही जाएंगे. अभी हम बस से जाएंगे, इकट्ठे जाएंगे. उन्होंने कहा कि पुलिस की गाड़ी भी साथ चलेगी, यही संरक्षण का मतलब है. विपक्ष को घेरते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष हमारा नहीं, अपना मुद्दा उठा रहा है.

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