शासन ने फंगस के मामले में भी महामारी एक्ट के अंतर्गत आयुष्मान भारत से उपचार कराने की अनुमति दी
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कोरोना मामलों के बीच फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में इनके मरीजों की उपचार की व्यवस्था की गई है। वहीं अब राज्य शासन ने फंगस के मामले में भी महामारी एक्ट के अंतर्गत आयुष्मान भारत से उपचार कराने की अनुमति दे दी है। इसके तहत अब इनके मरीजों का उपचार सरकारी अस्पतालों के साथ आयुष्मान से चयनित निजी अस्पतालों में भी हो सकेगा।

प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए आयुष्मान भारत को अधिकृत कर चुकी है। वहीं अब बीच-बीच में आ रहे फंगस के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस बीमारी का उपचार महंगा होने की वजह से इसके संक्रमित को उपचार के खर्च में राहत देने के लिए ही इसे भी आयुष्मान भारत से जोड़ दिया गया है। यह फंगस मरीजों को बड़ी राहत देगा।

शासन स्तर पर सोमवार को ही स्वास्थ्य विभाग को यह आदेश मिला है। आदेश मिलने के साथ ही ऐसे निजी अस्पताल जो आयुष्मान भारत पैकेज के तहत विभिन्न् बीमारियों का उपचार करते है, उन्हें इसकी जानकारी दी जा रही है। अब इनके मरीजों को चयनित निजी अस्पतालों में उपचार कराने में किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

वर्तमान में छह मरीजों का चल रहा उपचार

फंगस मरीजों के लिए सिम्स में विशेष फंगस वार्ड बनाया गया है। वर्तमान में वहां पर छह फंगस संक्रमितों का उपचार किया जा रहा है। वहीं कुछ मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। अब नए मिलने वाले मरीज यदि चाहें तो वे आयुष्मान भारत का उपयोग करते हुए चयनित निजी अस्पताल में अपना उपचार करा सकेंगे।

वर्ग के हिसाब से मिलेगा लाभ

जिस तरह आयुष्मान भारत में साधारण परिवार को 50 हजार तक और बीपीएल परिवार को पांच लाख रुपये तक उपचार निश्शुल्क है। ठीक उसी तरह फंगस के मरीज भी वर्ग के हिसाब से 50 हजार से पांच लाख रुपये तक उपचार करा सकेंगे।

फंगस मरीजों को निश्शुल्क उपचार की सुविधा देने के लिए इस बीमारी को आयुष्मान योजना से जोड़ दिया गया है। अब इनके मरीज आयुष्मान से चयनित अस्पतालों में अपना निश्शुल्क उपचार करा सकेंगे।

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