मिशन वैक्सीनेशन - धीमी पड़ी रफ्तार,कई राज्यों में पड़ी टीके की कमी

मिशन वैक्सीनेशन - धीमी पड़ी रफ्तार,कई राज्यों में पड़ी टीके की कमी

देश में भले ही 38  करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी हो। लेकिन वैक्सीनेशन की जिस रफ्तार की उम्मीद की जा रही है अभी ये उससे काफी कम है। वैक्सीनेशन के दूसरे चरण की शुरआत काफी अच्छी रही थी लेकिन अब यहां फिर धीमापन दिख रहा है। तो आखिर क्या कारण है कि फिर से टीकों की कमी हो रही है, यहां हम इसी पर बात कर रहे हैं।

मिशन वैक्सीनेशन धीमा?

देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। हर दिन का औसत गिरकर 32 लाख पर आ गया है। कई राज्यों में वैक्सीन की कमी है।  कुछ राज्यों में रोक-रोक कर वैक्सीनेशन हो रहा है।

वैक्सीनेशन का दूसरा चरण

दूसरा चरण 21 जून से शुरु हुआ। शुरुआत में तेजी के साथ टीके लगे। 21 जून को लगे थे रिकॉर्ड 91.74 लाख टीके। रिकॉर्ड टीकाकरण के बाद रफ्तार धीमी पड़ी है। अब रोज का औसत 40 लाख टीकों के आसपास लग रहे हैं। 12 जुलाई तक 38 करोड़ से ज्यादा टीके लग चुके हैं।

वैक्सीन की रफ्तार

21 जून को 91.74 लाख टीके लगे। 21-27 जून हर दिन औसत 61.14 लाख टीके लगे। 3-9 जुलाई हर दिन औसत 38.78 लाख टीके लगे।

यहां वैक्सीन की कमी

महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली,झारखंड  और गुजरात में वैक्सीन की कमी है।

राज्यों का हाल

14 राज्यों में 1 करोड़ से ज्यादा टीके लगे हैं। 7 राज्यों में 1-2 करोड़ टीके लगे  हैं। 5 राज्यों में 2-3 करोड़ टीके लगे हैं। सिर्फ 2 राज्यों में 3 करोड़ से ज्यादा टीके  लगे हैं।

मौजूदा हाल

अभी औसत 40 लाख टीके रोज लग रहे हैं। दिसंबर तक सबको टीका लगाना है। इसके लिए रोज 86 लाख टीके लगाने होंगे। दिसंबर तक 70% लोगों को टीका लगाने के लिए रोज 60 लाख टीके लगाने होंगे।

देश में वैक्सीन की अब तक 38 करोड़ से ज्यादा डोज लग चुकी हैं। वहीं WHO ने वैक्सीन की खुराकें मिक्स एंड मैच करने पर चेतावनी दी है।  WHO ने कहा है कि वैक्सीन की खुराकें मिक्स करना खतरनाक हो सकता है। फिलहाल ऐसा कोई डाटा मौजूद नहीं है। समय पर वैक्सीन की खुराक लें।

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