Pegasus Case: भारत को बदनाम करने की अंतर्राष्ट्रीय साजिश रची जा रही है जिसमें कांग्रेस भी शामिल है:  योगी आदित्यनाथ
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Pegasus Spyware Case: जासूसी कांड पर सियासी हंगामा बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर मंगलवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। योगी आदित्यनाथ ने कहा, भारत को बदनाम करने की अंतर्राष्ट्रीय साजिश रची जा रही है जिसमें कांग्रेस भी शामिल है। कांग्रेस पूरे मामले पर घटिया राजनीति कर रही है। बकौल योगी आदित्यनाथ, जब भी देश में कोई अहम घटनाक्रम होता है, साजिश रची जाती है। जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत आए थे, तब विपक्ष ने दिल्ली में दंगों की साजिश रची थी। किसानों आंदोलन के दौरान यही किया गया। किसानों को धर्म और सम्प्रदाय के आधार पर बांटने की कोशिश हुई। कोरोना टीकाकरण के दौरान कांग्रेस ने भ्रम फैलाने की कोशिश की। इस तरह कांग्रेस का एजेंडा देश की छवि खराब करना है।

जासूसी केस की गूंज संसद तक पहुंच गई है। विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स को आधार बनाकर विपक्ष दल हंगामा कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं। इनका सरकार की ओर से मंगलवार को संसद में जवाब दिया जाएगा। इस बीच, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी Pegasus Spyware Case पर प्रतिक्रिया दी है। अमित शाह ने कहा है कि लोगों ने अक्सर 'आप क्रोनोलॉजी समझिए' इस वाक्यांश को मेरे साथ हल्के-फुल्के अंदाज में जोड़ा है, लेकिन आज मैं गंभीरता से कहना चाहता हूं। ये चीजें अभी ही लीक क्यों हुईं? देश में और दुनिया में कुछ विघटनकारी संगठन हैं जो भारत की प्रगति को पसंद नहीं करते हैं। भारत में कुछ राजनीतिक खिलाड़ी हैं जो नहीं चाहते कि भारत प्रगति करे। जो कुछ हो रहा है, उसका इस लिहाज से देखना होगा कि ऐसा अभी क्यों हो रहा है।

अमित शाह ने अपनी वेबसाइट पर लिखा, संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले ऐसी रिपोर्ट आती हैं। विपक्ष के नेता तत्काल उस रिपोर्ट को उठा लेते हैं और हंगामा शुरू कर देते हैं। यह पूरा देश देख रहा है। यह भारत को बदनाम करने की साजिश है।

जासूसी कांड: आज संसद में पक्ष रखेगी सरकार

जासूसी के आरोपों पर सरकार की ओर से मंगलवार को संसद में जवाब दिया जा सकता है। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव जवाब देंगे। इससे पहले अश्विनी वैष्णव कह चुके हैं कि फोन टैपिंग से जासूसी के आरोप पूरी तरह गलत और आधारहीन हैं। उन्होंने सभी संसद सदस्यों से आग्रह किया कि वो मामले से जुड़े तथ्यों और तर्कों की जांच करें।

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