देश का पहला इंटर मॉडल स्टेशन बनारस अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस होगा

देश का पहला इंटर मॉडल स्टेशन बनारस अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस होगा

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यूपी के बनारस की सबसे बड़ी परियोजना को मूर्त रूप देने का मसौदा तैयार कर लिया है। ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रही काशी में एक छत के नीचे जल, नभ और थल की यात्री सुविधाओं वाली इंटर मॉडल स्टेशन को मूर्त रूप दिया जाएगा। इसके लिए काशी स्टेशन के आसपास की 40 एकड़ जमीन चिह्नित कर उसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाया गया है। इसमें स्टेशन पर ही फाइव स्टार होटल के साथ अर्बन हॉट और सभी यात्री सुविधाएं होंगी। करीब तीन हजार करोड़ रुपये की यह परियोजना अब तक वाराणसी की सबसे बड़ी परियोजना होगी।

वाराणसी का काशी स्टेशन अब इंटर मॉडल स्टेशन काशी कहलाएगा। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने अपनी पुरानी योजना का नए सिरे से डीपीआर तैयार कर लिया है। इसमें तीन मंजिल इंटर मॉडल स्टेशन काशी (आईएमएसके) मौज़ूदा काशी स्टेशन और उसके आसपास बनेगा। यहां बस, ट्रेन और वाटर ट्रांसपोर्ट की सुविधा होगी। तीन हजार करोड़ की यह योजना करीब 40 एकड़ ज़मीन में मूर्तरूप लेगी। आईएमएसके की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय राजमार्ग से रिंग रोड व प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज से भी होगी। कैंट स्थित रोडवेज बस स्टेशन भी यहीं शिफ्ट होने का प्रस्ताव है। काशी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बढ़ाए जाएंगे। ट्रेनों का आवागमन भी बढ़ेगा। 

तीन मंजिला होगा आईएमएसके

एनएचएआई वाराणसी के तकनीकी प्रबंधक ललित कुमार सिंह ने बताया कि ग्राउंड पर इंट्रा सिटी बस टर्मिनल होगा। यहां से बनारस में चलने वाली बसों का आवागमन रहेगा। कैंट रोडवेज बस स्टेशन यही शिफ्ट करने की योजना है, जिससे शहर को यातायात जाम से निजात मिलेगा। आठ मीटर के ऊंचाई पर काशी रेलवे का रिमॉडलिंग किया जाएगा। करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर तीसरे मंजिल पर इंटर स्टेट बस सर्विस की सुविधा रहेगी। 

एलिवेटेड फ्लाईओवर से जुड़ेगा आईएमएसके

इंटर मॉडल स्टेशन बनारस में सीधे आने-जाने के लिए एलिवेटेड फ्लाईओवर, रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के लिए अलग रास्ता होगा। प्रोजेक्ट के सेकेंड फेज में आईएसबीटी के ही लेवल पर गंगा फेसिंग पर फाइव स्टार व थ्री स्टार होटल बनेगा। इस मल्टीटर्मिनल से खिड़किया घाट व अन्य घाटों व वाटर ट्रांसपोर्ट के लिए जाने का भी रास्ता होगा। 

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरएस यादव ने बताया कि आईएमएस स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की योजना है। जिसमें यात्री संबंधित सभी सुविधाएं रहेंगी। काशी स्टेशन पर दो प्लेटफार्म बढ़ाने और ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव है। पैसेंजर ट्रेनों के लिए यार्ड भी बनेगा। अर्बन हाट के लिए एक बड़ी जगह होगी, जहां आजीविका के लिए रोजाना वेंडर्स अपना सामान बेचेंगे।
तीन हजार करोड़ में 40 एकड़ में विकसित होगा आईएमएसके
बस, ट्रेन के साथ यात्रियों को मिलेगी होटल और अर्बन हाट की सुविधा
खिड़किया घाट के जरिए वाटर ट्रांसपोर्ट के लिए बनाया जाएगा रास्ता
एनएचएआई ने तैयार किया मसौदा, डीपीआर की मंजूरी के बाद शुरू होगा काम।

Share this story