उभ्भा कांड: दबंगों ने 11 आदिवासियों की गोली मारकर कर दी थी हत्या

उभ्भा कांड: दबंगों ने 11 आदिवासियों की गोली मारकर कर दी थी हत्या

17 जुलाई 2019 को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का एक गुमनाम गांव उभ्भा उस समय पूरे देश में सुर्खियों में छा गया, जब एक सोसाइटी की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने गोली मारकर 11 आदिवासियों की हत्या कर दी थी। वहीं दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। गोलियों की तड़तड़ाहट पूरे देश में सुनाई दी थी।  उभ्भा कांड की दूसरी बरसी आज है। इसके चलते तीन किलोमीटर के क्षेत्रफल में बैरियर लगा कर पूरे गांव को सील कर दिया गया है।  राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने के आसार और कोरोना को देखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर रोक लगा दी गई है। 

आदर्श सोसायटी के नाम की इस जमीन पर कई पीढ़ियों से गोंड़ आदिवासी जोत कोड़ करते रहे थे। करीब 1100 बीघा विवादित जमीन में से करीब 120 बीघा जमीन की रजिस्ट्री मूर्तिया के तत्कालीन ग्राम प्रधान यज्ञदत्त सिंह भोरतिया ने सन 2017 में अपने परिजनों के नाम करा लिया था।
उक्त भूमि को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। मृतक रामसुंदर के पुत्र लल्लू सिंह की तहरीर पर ग्राम प्रधान यज्ञदत्त, गणेश, विमलेश, धर्मेंद्र, नीरज राय समेत 28 लोगों के खिलाफ नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। 

कोर्ट के आदेश पर अक्टूबर महीने में दूसरे पक्ष से देवकली पत्नी निधिदत्त गुर्जर की तहरीर पर कांग्रेस के वर्तमान जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़, उसके पिता व पूर्व ग्राम प्रधान बहादुर सिंह गोंड़, रामपति, कैलाश, अनिल, विजय, रामबली समेत 55 लोगों पर केस दर्ज किया गया था।
उभ्भा कांड में ग्राम प्रधान यज्ञदत्त सिंह भोरतिया पक्ष से कुल 70 लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। इनमें से आधे लोग रिहा हो चुके हैं। वहीं गोंड़ आदिवासियों पर हुए मुकदमा ठंडे बस्ते में चला गया है।

उभ्भा कांड के बाद सबसे पहले 18 जुलाई को कांग्रेस विधानमंडल दल के तत्कालीन नेता अजय कुमार लल्लू उभ्भा पहुंचे। इसके बाद 23 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव, डीजीपी इत्यादि उभ्भा पहुंचे। इसके बाद दोबारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 सितंबर को उभ्भा आए। फिर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, भाकपा महासचिव डी. राजा,सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण, वृंदा करात, सुभाषिनी अली समेत तमाम दिग्गज नेता उभ्भा गांव पहुंचे।

सरकार द्वारा प्रत्येक मृतकों के आश्रितों को विभिन्न मदों में 18.50 लाख रुपये, प्रत्येक घायलों को ढाई लाख रुपये, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा मृतक आश्रितों को 10 लाख रुपए व घायलों को एक एक लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान की गई। समाजवादी पार्टी द्वारा मृतक आश्रितों को एक एक लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।

उभ्भा कांड के बाद प्रदेश सरकार ने पीड़ितों को पर्याप्त आर्थिक मदद करते हुए गांव के विकास के लिए तमाम योजनाओं परियोजनाओं का पिटारा खोल दिया। गांव में करीब 850 बीघा सोसायटी की जमीन में से प्रत्येक परिवार को 10 - 10 बीघा जमीन का पट्टा, आवास, शौचालय, बिजली, पेयजल देने की घोषणा के साथ गांव के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने 340 करोड़ रुपए की 35 योजनाओं परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया था। मुख्यमंत्री ने गांव में पुलिस चौकी बनाने, बच्चों के लिए आवासीय पं दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी। सोलर एनर्जी एवं शुद्ध पेयजल की सौगात भी दी थी लेकिन वर्तमान समय में ग्रामीणों को इसका फायदा नही मिल पा रहा है। यूपीनेडा द्वारा लाखों रुपये की लागत से बना सोलर प्लांट इस समय बेकार पड़ा है।

उभ्भा कांड के बाद से शासन और जिला प्रशासन गांव में विकास कार्य कराने में जुटा है। इसी क्रम में आदिवासी बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए उभ्भा गांव में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने को हरी झंडी दे दी गई है। करीब 47 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा। शासन स्तर से नामित यूपी सीडको को कार्यदायी संस्था जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करेगी।  
 

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