कोरोना की तीसरी लहर आएगी या नहीं ये प्रकृति से ज्यादा हमारी प्रवृत्ति पर निर्भर करता है: हेल्थ मिनिस्ट्री 
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नई दिल्ली. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने एक बार फिर कोविड सेफ बिहेवियर न अपनाने पर लोगों को चेताया है. हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर आएगी या नहीं ये प्रकृति से ज्यादा हमारी प्रवृत्ति पर निर्भर करता है. बाजारों और पर्यटक स्थलों पर लग रही भीड़ का और मास्क न पहने का जिक्र करते हुए हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि जब लोग कोरोना की तीसरी लहर की बात कर रहे हैं तो उसे मौसम के अपडेट की तरह सामान्य रूप से ले रहे हैं. जबकि इसकी गंभीरता को समझना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ये मानसून की बारिश से पहले घूमने जैसी बात नहीं है बल्कि मनुष्य और वायरस के बीच चलने वाली लगातार लड़ाई है.कोरोना की तीसरी लहर आएगी या नहीं ये प्रकृति से ज्यादा हमारी प्रवृत्ति पर निर्भर है.
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर दिखाई दे रही है. वीके पॉल के मुताबिक हमारे देश में कोरोना की तीसरी लहर ना आए, हमें इसके लिए काम करना है.
हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 31443 नए केस आए. अभी भी देश में 73 ऐसे जिले हैं जहां हर रोज कोरोना के 100 से ज्यादा नए केस आ रहे हैं. मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में केस बढ़ रहे हैं. केंद्र सरकार ने कहा कि देशभर में कोरोना के मौत के बढ़ते मामलों के पीछे ये वजह है कि कुछ राज्य पुराना डेटा दे रहे हैं.
पुराने डेटा के चलते बढ़े मौत के केस
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक आज कोरोना से 2020 मौत के मामले सामने आए हैं जिनमें से मध्यप्रदेश ने 1431 पुराना डेटा दिया है. मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र ने भी पिछले कई दिनों से मौत के डेटा नही दिए थे इसलिए मौत कर टोटल केस में बढोतरी देखने को मिल रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मध्य प्रदेश से सवाल किया कि आखिर में मौतों के मामले कहां से आ गए जिस पर राज्य सरकार की दलील थी कि हमने पुराने फाइल किए हैं.
सूत्रों के मुताबिक कई राज्य मौतों के मामले जो पहले छुपाते रहे हैं अब धीरे-धीरे करके बैकलॉग निकाल रहे हैं. महाराष्ट्र भी इसी तरह के कई दिनों के पुराने आंकड़े इक्कठा भेजता आ रहा है. यही रणनीति बिहार ने भी अपनाई. मतलब जब एक साथ भारी संख्या में डेथ हुई उस दिन आंकड़े छुपाए गए बाद में धीरे-धीरे करके बैकलॉग राज्य रिलीज कर रहे हैं. केंद्रीय स्वाथ्य मंत्रालय के मुताबिक कोरोना के केस में कमी आ रही है और मौत के मामले भी कम हो रहे हैं लेकिन कुछ राज्यों की तरफ से सही तरीके से आंकड़े साझा न करने की वजह से ये बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

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