12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द, सीबीएसई की तर्ज पर प्रमोट होंगे विद्यार्थी
K

शिमला. शनिवार शाम को सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया गया। इस फैसले के अनुसार 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अगर परीक्षा परिणाम के आधार पर फेल करने का सीबीएसई फैसला लेगा तो हिमाचल प्रदेश में भी उस फैसले को लागू किया जाएगा। राज्य सरकार ने अभी विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला नहीं लिया है। ऐसे में अभी सभी नजरें सीबीएसई के फार्मूले पर टिक गई हैं।
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि कोरोना की वजह से परीक्षाएं करवाना संभव नहीं है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सीबीएसई का फार्मूला आने के बाद उसके आधार पर ही परिणाम घोषित करेंगे। उन्होंने बताया कि अगर विद्यार्थी परिणाम से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे हालात सामान्य होने पर विशेष परीक्षा भी दे सकेंगे। प्रदेश में करीब 1.10 लाख विद्यार्थी 12वीं कक्षा में हैं।  वहीं, प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को आगामी आदेशों तक बंद रखा जाएगा।
शनिवार को शिक्षा निदेशालय ने इस संदर्भ में लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला उपनिदेशकों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में आगामी आदेशों तक शिक्षण, प्रशिक्षण और कोचिंग संस्थान बंद रखे जाएंगे। सरकारी सहित निजी स्कूलों पर भी यह आदेश जारी होंगे। मुख्य सचिव के बीते दिनों जारी हुए पत्र का हवाला देते हुए शिक्षा निदेशालय ने यह पत्र जारी किया है। पहले कैबिनेट की बैठक शनिवार सुबह होनी थी, लेकिन मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा के निधन के चलते बैठक टाली गई।  

बता दें प्रदेश में 12वीं कक्षा का एक ही पेपर हुआ था, लेकिन बढ़ते कोरोना मामलों के लिए बाकि विषयों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं।  स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षाओं में सामाजिक दूरी कायम रखने के लिए 2137 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बोर्ड ने 12वीं कक्षा की अंग्रेजी विषय की परीक्षा 13 अप्रैल को ली थी लेकिन इसके बाद कोरोना के चलते परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। 

Share this story