निजी स्कूलों में फिस बढ़ोतरी को लेकर जल्द फैसला लिया जाए।
 निजी स्कूलों में फिस बढ़ोतरी को लेकर जल्द फैसला लिया जाए।

बोकारो से संगीता की रिपोर्ट    

17 मई 2020 कोरोना संक्रमण नामक एक वायरस पूरे विश्व में फैल गया जिसके चलते लोगों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।आज भी यह कोरोना वायरस लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा है जहां एक तरफ कमाने के स्रोत को बंद कर दिया गया है जिसके चलते लोग ना तो मकान का रेंट दे पा रहे हैं और ना ही स्कूल की फीस भी नहीं  दे पा रहे है । इस कोरोना काल के चलते 17 मई 2020 से स्कूल बंद है ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई हो रही है विधि विभाग की राय के अनुसार निजी स्कूल की फीस पर कोई निर्णय लिया जाएगा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा विधि विभाग को भेजे गए प्रस्ताव में पिछले वर्ष फिस को लेकर राज्य सरकार द्वारा दिए गए निर्देश एवं स्कूल द्वारा इस को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के इस संबंध में दिए गए फैसले में भी जानकारी दी गई  है।

पिछले साल सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश था कि बंद स्कूलों के दौरान सिर्फ शिक्षण शुल्क लेना है वहीं इस बार सरकार की ओर से अब तक कोई निर्देश नहीं मिला है स्कूल प्रबंधन इसका फायदा उठाते हुए शिक्षण शुल्क के साथ अन्य देश भी बच्चों से लेने लगे इसके अलावा शिक्षण शुल्क बढ़ोतरी कर दी है जहां एक तरफ कारोबार पूरी तरह से चौपट है तो वही आज स्कूल प्रबंधक इसका फायदा उठाते नजर आ रहे हैं  फीस को लेकर बार-बार कॉल किया जा रहा है विद्यालय को मानसिक आधार पर केवल शिक्षण शुल्क लेने को कहा गया था इसके अलावा शुल्क
 में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं करने व अन्य किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेने का निर्देश स्कूल को दिया गया था आने वाले विद्यालय को मान्यता संबंधी एनओसी रद्द करने के लिए बोर्ड को पत्र लिखने की बात कही गई थी।

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