बिहार सरकार ने अवैध बालू खनन के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
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बिहार में अवैध बालू खनन को लेकर सरकार ने सख्त तेवर अपना लिए हैं. बिहार सरकार ने अवैध बालू खनन के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. बिहार सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दो अधिकारियों समेत कुल 13 अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया है. 13 अधिकारियों को बिहार सरकार ने बालू के अवैध खनन के मामले में निलंबित कर दिया है.

बिहार सरकार ने जिन दो आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया है उनमें भोजपुर के पुलिस अधीक्षक रहे राकेश कुमार दुबे और औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक रहे सुधीर कुमार पोरिका के नाम भी शामिल हैं. अवैध बालू खनन के मामले में नाम आने के बाद कुछ दिन पहले ही सरकार ने दोनों आईपीएस अधिकारियों को उनके पद से हटाकर मुख्यालय वापस बुला लिया था.

दो आईपीएस के साथ ही चार डीएसपी और एक एसडीएम को भी निलंबित किया गया है. जिन चार डीएसपी को निलंबित किया गया है उनमें पालीगंज के तत्कालीन डीएसपी तनवीर अहमद, भोजपुर के तत्कालीन डीएसपी पंकज कुमार रावत, औरंगाबाद सदर के तत्कालीन डीएसपी अनूप कुमार और डेहरी के तत्कालीन डीएसपी संजय कुमार शामिल हैं.

सरकार कर रही थी पड़ताल

गौरतलब है कि बिहार में भारी पैमाने पर होने वाले अवैध बालू खनन के मामले में सरकार पिछले कुछ समय से पड़ताल कर रही थी और प्राथमिक जांच में इन सभी अधिकारियों को दोषी पाया गया. प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद ही इन सभी को 14 जुलाई के दिन उनके पद से हटा दिया गया था और वापस पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया था.

सरकार की ओर से इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि आर्थिक अपराध इकाई की जांच में इन सभी अधिकारियों को अवैध बालू खनन, भंडारण और परिवहन के दौरान ड्यूटी में लापरवाही दिखाने का दोषी पाया गया है. आदेश में यह भी कहा गया है कि ये सभी अधिकारी अवैध बालू खनन माफिया को लगातार मदद पहुंचा रहे थे और इसी वजह से इन सभी को निलंबित किया गया है.

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