चक्रवर्ती तूफान यास , लॉकडाउन में तरबूज की खेती हुई बर्बाद
चक्रवर्ती तूफान यास , लॉकडाउन में तरबूज की खेती हुई बर्बाद

बोकारो से शेखर की रिपोर्ट


फल खाने में लोगों को किसको नहीं अच्छा लगता चाहे आम हो अंगूर हो अनार किसको नहीं अच्छा लगता छोटे हो या बड़े सबको फल बहुत पसंद है वही गर्मी पढ़ते ही लोगों को तरबूज की याद आने लगती है और तरबूज देखते ही लोगों के मुंह पर पानी आखिर क्यों ना आए तरबूज की ठंडाई के सरबते काफी लोग चाहो से पीते हैं धूप की वजह से तरबूज का कोड लेवल बढ़ता है और तों धूप की वजह से तरबूज का बिल्कुल लेवल बढ़ता है 

वहीं झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत गोमिया प्रखंड की कंडीर पंचायत के कंडीर ग्राम में 5 एकड़ में दो सगे भाई के द्वारा की गई तरबूज की खेती पर चक्रवाती तूफान यास का लॉकडाउन में तरबूज की फसल खराब हो गई। जिसके चलते काफी भारी नुकसान इन दोनों भाइयों को सहना पड़ा वहीं मिलिट्री कैमरन गढ़ के अधिकारी को सूचना मिली और वह तरबूज देखने चले गए अधिकारी एवं श्री कुमार सौरभ चक्र प्रेसिडेंट रामगढ़ कैंट सिख रेजीमेंट बोर्ड व कुमार रणविजय सेना मेडल सहायक कमांडेंट वन मेजर अमित कुमार पुंडीर पहुंचे रामगढ़ मिलिट्री कैंप के अधिकारियों ने कृषक राजकुमार महतो तथा किसान श्री महतो से बातचीत के बाद कहा कि किसान अन्नदाता है किसान मेहनत से खाद्य पदार्थ को उगाते हैं तो उन्हें वाजिव मेहनत आना मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तरबूज की बिक्री के लिए कृषि विभाग से लेकर महाजनों तक की दौड़ लगाई ताकि कम से कम मुनाफा नहीं तो लागत ही मिल जाए खेती में काफी नुकसान हुआ फिर भी हौसले को बुलंद रखते हुए आगे कृषि कार्य और विकसित करने की बात कही आपको बता दें कि श्री महतो ने अपने दो सगे भाई को कृषि कार्य में जोड़ा है इसके पूर्व 20 एकड़ भूमि में विभिन्न प्रकार की साग सब्जी का उत्पादन कर आत्मनिर्भर करने में जुड़े हैं इससे श्री माता के पिता नारायण महतो माता मुरारी देवी पत्नी नीतू रानी देवी भी खेती में सहयोग कर रही है कृषि विभाग के लिए दुनिया के विधायक डॉक्टर लंबोदर महतो के द्वारा बिजली वर्क रूप प्रदान किया गया है ताकि कृषि के विकास में बल मिले

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