शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के बीच तनातनी का कोई अंत नहीं
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महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी दल शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) के बीच तनातनी का कोई अंत होता नहीं दिख रहा है. राज्य के शिरूर लोकसभा क्षेत्र से एनसीपी सांसद और अभिनेता डॉक्टर अमोल कोल्हे ने यह कहकर एक और विवाद खड़ा कर दिया कि शिवसेना को यह नहीं भूलना चाहिए कि शरद पवार के आशीर्वाद के कारण ही उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं.

कोल्हे का बयान पुणे जिले में खेड़-नारायणगांव बाईपास के उद्घाटन को लेकर उनके और शिवसेना (Shivsena) के पूर्व सांसद शिवाजीराव अधलराव-पाटिल के बीच जारी तनातनी के बीच आया है. वर्तमान और पूर्व सांसद के बीच क्रेडिट वॉर के चलते दो दिनों में दो बार बाईपास का उद्घाटन हुआ.

अमोल कोल्हे (Dr Amol Kolhe) और अधलराव दोनों ही बाईपास परियोजना के लिए श्रेय का दावा कर रहे हैं. अधलराव ने शुक्रवार को सड़क का उद्घाटन किया और आरोप लगाया कि अमोल कोल्हे वर्षों से उनके प्रयासों का श्रेय 'चोरी' करने की कोशिश कर रहे हैं. अधलराव 2019 में कोल्हे से हारने से पहले 2009 और 2014 में दो बार निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

कोल्हे ने बाईपास का फिर से उद्घाटन किया

कोल्हे, जो शिवाजी और संभाजी महाराज की भूमिका के लिए महाराष्ट्र में एक चर्चित टीवी चेहरा हैं. कोल्हे ने शनिवार को इसे आधिकारिक उद्घाटन समारोह बताते हुए बाईपास का फिर से उद्घाटन कर दिया.

अधलराव पर हमला करते हुए अभिनेता से नेता बने कोल्हे एक कदम आगे निकल गए. उन्होंने कहा, 'मैं सीएम उद्धव ठाकरे का बहुत सम्मान करता हूं. सभी जानते हैं कि लोकसभा में निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की चिंताओं का पर कौन ध्यान दे रहा है. लेकिन अगर मेरी और मेरे सहयोगियों की आलोचना करने के लिए उनका एक सूत्रीय एजेंडा है और अगर यह उद्धव ठाकरे के नाम पर किया जाता है, तो सभी को यह याद रखना चाहिए कि वह केवल इसलिए मुख्यमंत्री हैं क्योंकि उनके पास शरद पवार का आशीर्वाद (Sharad Pawar's blessings) है.'

शिवसेना ने भी किया कोल्हे पर वार

अमोल कोल्हे, एनसीपी में शामिल होने से पहले शिवसेना के साथ थे, ने शिवसेना के पूर्व सांसद शिवाजीराव अधलराव पर निशाना साधते हुए कहा कि एक वरिष्ठ नागरिक के लिए बचकाना व्यवहार करना अनुचित है.

शिवसेना ने सांसद कोल्हे की टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया. पार्टी प्रवक्ता किशोर कान्हेरे के एक बयान में कोल्हे और एनसीपी पर जमकर निशाना साधा. शिवसेना ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उद्धव ठाकरे पवार के आशीर्वाद से सत्ता में हैं, तो एनसीपी किसकी मदद से सत्ता में है? शिवसेना ने आगे यह कहते हुए चेताया है कि सत्ता के अंगूर खट्टे न होने दें.

कन्हेरे ने कहा, 'एक अभिनेता जो लिखे हुए संवादों को पढ़ने के आदी हैं, शायद वह यह भूल गए कि वह उसी उद्धव ठाकरे के आशीर्वाद के कारण राजनीति में हैं.

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