उत्तराखंड में कोरोना कर्फ्यू के दौरान एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 पर केस, जानिए क्या है पूरा मामला
उत्तराखंड में कोरोना कर्फ्यू के दौरान एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 पर केस, जानिए क्या है पूरा मामला

देहरादून। शहर कोतवाली में कोरोना कर्फ्यू के दौरान रैली निकालने व पुतला दहन करने पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी सहित 25 कार्यकर्त्‍ताओं के खिलाफ लॉकडाउन का उल्लंघन करने और महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पार्षद आयुष गुप्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में कार्यकर्त्‍ता ओं ने मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से रैली निकाली थी। इसके बाद उन्होंने एस्लेहाल चौक पर सरकार का पुतला फूंका।

शहर कोतवाल एसएस नेगी ने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शन, जुलूस, धरना आदि पर कोरोना संक्रमण को देखते हुए रोक लगा रखी है। बावजूद इसके एनएसयूआइ कार्यकर्त्‍ताओं ने रैली निकालकर सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया गया। कुछ कार्यकर्त्‍ता मास्क भी नहीं पहने थे। इसी के चलते प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी, अभिषेक डोबरियाल, वासु शर्मा, प्रियांशु गौड़, सागर पुंडीर, आयुष सहित 25 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

राजनीति से प्रेरित है मुकदमा, सरकार कर रही शक्तियों का गलत इस्तेमाल

एनएसयूआइ कार्यकर्त्‍ताओं ने दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एस्लेहाल चौक पर सरकार का पुतला फूंका। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी ने आरोप लगाया कि बीती 30 मई को सहारनपुर चौक के पास हुए झगड़े में शहर कोतवाली पुलिस ने सरकार के दबाव में एनएसयूआइ के प्रदेश महासचिव एवं पार्षद आयुष गुप्ता के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया। कहा कि यह मुकदमा राजनीति से प्रेरित है और एनएसयूआइ इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। यह आरोप भी लगाया कि सरकार लगातार विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाकर शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सौरभ ममगाईं, महानगर अध्यक्ष अभिषेक डोबरियाल, आदित्य बिष्ट, वासु शर्मा, प्रियांशु गौड़, सागर पुंडीर, आयुष आदि मौजूद रहे।

पार्षद को झूठे केस में फंसाया जा रहा: कांग्रेस

पार्षद आयुष गुप्ता पर दर्ज मुकदमे के संबंध में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजकुमार और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित कर उनकी आवाज दबा रही है। भाजपा नेताओं के दबाव में कांग्रेस के पार्षद को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। आपसी लेनदेन के विवाद में कांग्रेस पार्षद पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बताया कि विगत रात्रि पुलिस ने पार्षद अमित भंडारी से भी अभद्रता की। कांग्रेस जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग करती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने वालों में पार्षद रमेश कुमार मंगू, पार्षद रीता रानी, शैलेंद्र थपलियाल, आशीष भारद्वाज भी शामिल रहे।

Share this story