फाइनेंस कंपनी का संचालक समूहों से जमा कराए पैसे लेकर हुआ फरार
फाइनेंस कंपनी का संचालक समूहों से जमा कराए पैसे लेकर हुआ फरार

किच्छा : ऋण देने का झांसा देकर समूह के माध्यम से पैसा जमा करा माइक्रो फाइनेंस कंपनी संचालक फरार हो गए। लोग खाते में पैसा आने का ही इंतजार करते रह गए। जब तीन दिन तक पैसा नहीं आया तो संपर्क करने पर मोबाइल बंद और कार्यालय पर ताला लटका मिला। परेशान लोगों ने पुलिस से आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है।

एक नामी माइक्रो फाइनेंस कंपनी ने किच्छा में अपना कार्यालय खोला था। कंपनी संचालकों द्वारा उत्तराखंड बॉर्डर पर लगे तहसील बहेड़ी जनपद बरेली उत्तर प्रदेश के गांव जिनका लेन देन किच्छा के माध्यम से ही चलता है, उनसे संपर्क किया। गांव में पहुंच कर कंपनी ने योजनाबद्ध तरीके से अपने एजेंट के रूप में विकास नाम के व्यक्ति को भेजा। उसने बॉर्डर पर स्थित गांव नदेली, सिदौरा आदि गांव में संपर्क कर समूहों को ऋण देने का झांसा देकर अपने भरोसे में ले लिया और ग्रामीणों को किच्छा कार्यालय बुला लिया।

चार जून को किच्छा स्थित कार्यालय में 57 लोगों से जमानत राशि के रूप में 21 सौ के हिसाब से एक लाख 19 हजार पांच सौ रुपये की धनराशि जमा कर दी। कंपनी के अधिकारियों ने उनसे कागजी कार्रवाई करवाने के बाद शनिवार तक पैसा कंपनी के खाते में पहुंचने के बाद उनको वितरित करने का भरोसा दिलाया, लेकिन मंगलवार तक पैसा नहीं आया। इस दौरान ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों के मोबाइल पर भी संपर्क किया, लेकिन किसी का फोन नहीं लग रहा है। कार्यालय पर भी ताला लटका हुआ देखा तो उनको अपने ठगे जाने का एहसास हुआ।

35 हजार के ऋण पर 14.5 प्रतिशत ब्याज

माइक्रो फाइनेंस कर्मियों ने ऋण की सीमा 35 हजार रुपये निर्धारित की थी। जिस पर 14.5 प्रतिशत की दर से 5530 रुपया ब्याज निर्धारित किया गया, जिसकी प्रतिमाह 1690 रुपये की किस्त जमा करनी थी। जिसकी जमानत राशि के रूप में 2150 रुपये जमा करवाए गए थे। ग्रामीणों ने पैसा जमा करने की पूरी वीडियो भी बना रखी है। बताया जा रहा है कि कंपनी का मुख्यालय चेन्नई में है।

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