इन दो कीवी गेंदबाजों ने उड़ाई टीम इंडिया की नींद
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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए भारतीय टीम इंग्लैंड पहुंच चुकी है। 18 जून से भारत और न्यूजीलैंड के बीच डब्ल्यूटीसी का फाइनल मुकाबला खेला जाना है। फिलहाल कीवी टीम लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेल रही है। पहले टेस्ट में कीवी गेंदबाजों के आगे इंग्लिश बल्लेबाज घुटने टेकते नजर आए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 378 रन बनाए। जवाब इंग्लैंड की पहली पारी 275 पर ही सिमट गई। न्यूजीलंड की तरफ से टिम साउथी (6 विकेट) और काइल जैमीसन (3 विकेट) ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए नौ विकेट चटकाए। कीवी गेंदबाजों के इस धारदार गेंदबाजी से भारतीय टीम की नींद तो जरूर उड़ी होगी, क्योंकि डब्ल्यूटीसी के फाइनल में ज्यादा दिन का समय नहीं बचा है। साउदी ने 25.1 ओवर में 43 रन देकर छह विकेट चटकाए। वहीं, जैमिसन ने 83 रन देकर तीन विकेट झटके। 
गेंदबाजों के अलावा भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे से भी बचकर रहना होगा। कॉन्वे ने अपने डेब्यू टेस्ट में जिस तरह से बल्लेबाजी की है, वह बेजोड़ है। कॉनवे ने पहली पारी में 347 गेंदों पर 22 चौके और एक छक्के की मदद से 200 रन बनाए। कॉन्वे इंग्लैंड की धरती पर सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले विदेशी बल्लेबाज बने। इसके साथ ही डेब्यू मैच में लॉर्ड्स के मैदान पर दोहरा शतक जमाने वाले वह पहले बल्लेबाज रहे। उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी केएस रंजीतसिंहजी का 125 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने मैनचेस्टर में 1896 में 154 रन की पारी खेली थी। कॉनवे मैथ्यू सिंक्लेयर (वेस्टइंडीज के खिलाफ 1999 में 214 रन) के बाद टेस्ट पदार्पण पर दोहरा शतक जड़ने वाले न्यूजीलैंड के दूसरे बल्लेबाज हैं।

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