लोगों द्वारा तंज कसने व अपमानित होने पर 60 वर्षीय बुजुर्ग ने रचाई शादी, बेटा बना बराती
लोगों द्वारा तंज कसने व अपमानित होने पर 60 वर्षीय बुजुर्ग ने रचाई शादी, बेटा बना बराती

शादी का खर्च ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने उठाया। बुजुर्ग के अनुसार गांव के कुछ लोग उसे बिना शादी साथ रहने का ताने मारते थे। इन तानों से बचने के लिए प्रधान के कहने पर वे दोनों उम्र के इस पड़ाव पर शादी की रस्में निभाने को तैयार हो गए।

रसूलपुर रूरी निवासी 60 वर्षीय नारायण रैदास और मियागंज ब्लाक के ग्राम मिश्रापुर निवासी 55 साल की रामरती  2001 से एक साथ गांव में रह रहे थे। परिवार में कोई और न होने के कारण वह दोनों बटाई पर खेती और मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं।

उनके 13 वर्ष का एक पुत्र अजय भी है। दोनों की अब तक शादी नहीं होने को लेकर लोगों द्वारा तंज कसने व अपमानित करने की जानकारी पर ग्राम प्रधान रमेश कुमार, समाजसेवी धर्मेंद्र बाजपेई और सुनील पाल ने नारायण और रामरती को शादी करने के लिए प्रेरित किया।

सारा खर्चा वहन करने का जिम्मा भी लिया। दोनों शादी करने के लिए राजी हो गए। ग्राम प्रधान व अन्य लोगों ने डीजे, बैंड बाजा और हलवाई की व्यवस्था की। 12 जुलाई की रात दोनों की शादी की रस्में पूरी की गईं। आधा दर्जन गाड़ियों में सवार होकर बराती वर व वधू को लेकर गांव के ब्रम्हदेव बाबा के मंदिर पहुंचे। रास्ते में प्राथमिक विद्यालय के पास बरातियों को नाश्ता कराया गया। देर रात घर में दोनों ने शादी के फेरे लिए। ग्रामीणों ने आशीर्वाद के साथ उपहार भी दिए।

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