पुलिस की मानवता का एक और खूबसूरत उदाहरण।
पुलिस की मानवता का एक और खूबसूरत उदाहरण।

गौरव शुक्ला की रिपोर्ट

( शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर से)
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आज मिर्जापुर उ.प्र. के कां. महेश कुमार अपने साथी विनीत कुमार के साथ ड्यूटी पर तैनात थे तभी मिर्जापुर के गांव रसूलाबाद में एक 5वर्षीय बालक रोता हुआ मिला।      पीआरबी द्वारा काफी प्रयास करने पर बच्चे ने अपना नाम गोलू और पिता का नाम लालू बताया। किंतु सही से पता नहीं बता पा रहा था। बहुत मुस्किल से उसने यह बताया कि पिता सब्जी विक्रेता हैं।

अब प्रश्न यह था कि ऐसे इसके पिता को कैसे खोजा जाए। किंतु कभी हार नहीं मानने वाले का. महेश कुमार बच्चे को लेकर कलान सब्जी मंडी पहुंच गए जहां काफी मशक्कत के बाद बच्चे के पिता लालू को खोज पाया और बच्चे को उनके सुपुर्द किया।

अक्सर हमारा समाज पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है किंतु उनके कार्य की प्रशंसा कभी नहीं करता। जबकि उनकी सेवा से ही हमारा समाज सुरक्षित और भयमुक्त रहता है। हमें भी सच्चे मन से पुलिस के मनोबल को बढाना चाहिए।ज मिर्जापुर उ.प्र. के कां. महेश कुमार अपने साथी विनीत कुमार के साथ ड्यूटी पर तैनात थे तभी मिर्जापुर के गांव रसूलाबाद में एक 5वर्षीय बालक रोता हुआ मिला।

पीआरबी द्वारा काफी प्रयास करने पर बच्चे ने अपना नाम गोलू और पिता का नाम लालू बताया। किंतु सही से पता नहीं बता पा रहा था। बहुत मुस्किल से उसने यह बताया कि पिता सब्जी विक्रेता हैं।अब प्रश्न यह था कि ऐसे इसके पिता को कैसे खोजा जाए। किंतु कभी हार नहीं मानने वाले का. महेश कुमार बच्चे को लेकर कलान सब्जी मंडी पहुंच गए जहां काफी मशक्कत के बाद बच्चे के पिता लालू को खोज पाया और बच्चे को उनके सुपुर्द किया।

अक्सर हमारा समाज पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है किंतु उनके कार्य की प्रशंसा कभी नहीं करता। जबकि उनकी सेवा से ही हमारा समाज सुरक्षित और भयमुक्त रहता है। हमें भी सच्चे मन से पुलिस के मनोबल को बढाना चाहिए।

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