सुप्रीम कोर्ट- बकरीद मनाने पर नहीं रोक, कांवड़ यात्रा मामले में UP सरकार का बयान भी दर्ज

सुप्रीम कोर्ट- बकरीद मनाने पर नहीं रोक, कांवड़ यात्रा मामले में UP सरकार का बयान भी दर्ज

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कांवड़ यात्रा और केरल सरकार की तरफ से बकरीद के चलते दी गई छूट पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई हुई. यूपी सरकार की ओर से सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि कांवड़ संघों से चर्चा के बाद कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है.

साथ ही कहा कि इस साल यात्रा नहीं होगी, लेकिन जिस तरह केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय स्तर पर मंदिरों में गंगाजल से अभिषेक का विकल्प दिया था, वो किया जाएगा. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कांवड़ यात्रा को रद्द करने के उत्तर प्रदेश सरकार के बयान को दर्ज किया और कहा कि कांवड़ यात्रा पर स्वतः संज्ञान के मामले को बंद करते हैं.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम सभी स्तरों पर अधिकारियों को निर्देश देते हैं जनता के जीवन को प्रभावित करने वाली अप्रिय घटनाओं पर सख्ती से गौर किया जाएगा और तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. वहीं वकील विकास सिंह ने केरल में बकरीद के लिए छूट दिए जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर केरल सरकार की तरफ से दी गई छूट पर रोक लगाई जानी चाहिए.

विकास सिंह ने कहा कि 18, 19 और 20 जुलाई के लिए केरल में छूट दी गई है, जबकि पॉजिटिविटी रेट केरल में 10.96 फीसदी है और यूपी में 0.04 फीसदी होने के बावजूद कांवड़ यात्रा रद्द की गई है. विकास सिंह ने कहा कि आज और कल की छूट पर तत्काल अदालत रोक लगाए. वहीं सुप्रीम कोर्ट में केरल सरकार ने कहा कि बकरीद के मद्देनजर हमने सिर्फ कुछ क्षेत्रों में छूट दी है. साथ ही कहा कि सभी सावधानियां और सतर्कता बरती जा रही है, हम इस पर जवाब दाखिल करेंगे.

वहीं एक अन्य आवेदक कि ओर से वरिष्ठ वकील राधाकृष्णन ने कहा कि जब तक 80 फीसदी लोगो को वैक्सीन नहीं लग जाती है, सभी प्रकार के सोशल और धार्मिक कार्यक्रम पर रोक लगाई जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने केरल के मामले में दायर दोनों आवेदनों पर राज्य सरकार को जवाब देने को कहा है और कहा कि ऐसी स्थिति में कैसे कोई त्यौहार मनाया जा सकता है. इस मामले में कल फिर सुनवाई होगी.

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