जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन की नहीं कमी प्रतिदिन मिल रहे हैं ऑक्सीजन सिलेण्डर

जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन की नहीं कमी प्रतिदिन मिल रहे हैं ऑक्सीजन सिलेण्डर

अनूप दुबे की रिपोर्ट

छतरपुर-जिला कलेक्टर ने कहा डॉक्टर्स की सलाह पर मरीजों को दी जा रही ऑक्सीजन
तथ्यों एवं प्रमाणिकता के आधार पर खबरें प्रकाशित करें भ्रामक खबरों से समाज में फैलता है भ्रम जिला चिकित्सालय छतरपुर में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत भी नहीं हुई है। कोविड संक्रामण के चलते जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती मरीजों को डॉक्टर्स की सलाह पर तुरंत ऑक्सीजन मिल रही है और उनका समुचित उपचार हो रहा है ।


जिला कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि कतिपय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में ऑक्सीजन की कमी होने और ऑक्सीजन की कमी से मौत होने की जो भ्रामक खबर प्रकाशित की गई है। वह पूर्णतः भ्रामक है और इस संबंध में तथ्य एवं प्रमाणिकता भी नहीं है । कलेक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा है कि समाचार पत्रों में तथ्यों एवं प्रमाणिकता तथा जानकारी प्राप्त करने बाद सही जानकारी प्रचारित की जाए न कि भ्रामक जानकारी प्रकाशित करें। भ्रामक एवं झूठी जानकारी के आधार पर समाज में भय व्याप्त होता है। उन्होंने कहा कि भ्रामक एवं झूठी खबरें प्रकाशित करने वाले प्रतिनिधियों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इसीलिए समाज के सामने तथ्यों के साथ सही जानकारी रखें, जिससे नागरिकों में भय व्याप्त नहीं हो ।


छतरपुर जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता लगातार बढ़ रही है। जिला प्रशासन एवं जिले के कोविड प्रभारी मंत्री के प्रयास से बीते दिनों से जिले में लगातार ऑक्सीजन की पूर्ति क्रमशः बढ़ रही है। चिकित्सालय में ऑक्सीजन उपलब्ध है। सागर से प्रकाशित होने वाले एक समाचार में शीर्षक में लिखा है कि ऑक्सीजन की कमी से 4 मौतें हुई जो सही नहीं हैं। इस समाचार के संबंध में संवाददाता द्वारा लिखे गए समाचार में इस बात की पुष्टि कहीं भी नहीं की गई कि गुरुवार को 4 मरीजों की मौत फेफड़े में इंफेक्शन और सांस लेने में परेशानी का कारण उल्लेख होना बताया गया है ।इस संबंध में कोई भी तथ्य एवं प्रमाणिकता का उल्लेख नहीं किया गया है। संवाददाता द्वारा खबर में खुद के आधार एवं विचार पर ही यह प्रमाणित कर दिया गया कि ऑक्सीजन की कमी से 4 मौतें हुईं। समाचार में उप शीर्षक में यह भी लिखा गया है कि 250 जम्बो सिलेण्डर जिला अस्पताल को प्रतिदिन मिल रहे हैं। संवाददाता ने जो अंदेशा व्यक्त किया है कि जरूरत 400 सिलेण्डर तक प्रतिदिन पहुंच गई है वह तथ्यों एवं प्रमाणिकता के आधार नहीं है। इस संबंध में नियंत्रणकर्ता चिकित्सक की राय नहीं ली गई ।

Share this story