मुलायम सिंह यादव ने लगवाया कोरोना का टीका, बेटे अखिलेश यादव ने किया था विरोध
मुलायम सिंह यादव ने लगवाया कोरोना का टीका, बेटे अखिलेश यादव ने किया था विरोध

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक व पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लगवाई। बीते दिनों उनके पुत्र व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वैक्सीन का विरोध किया था। अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि 'मैं कोरोना का टीका नहीं लगवाऊंगा। ये टीका तो भाजपा वालों का है। मैं इस पर कैसे विश्वास कर सकता हूं।' अखिलेश यादव के बयान पर तब इंटरनेट मीडिया पर खूब हंगामा मचा था। अब सपा ने कोरोना वैक्सीन पर यू-टर्न लेते हुए कहा है कि अखिलेश यादव ने कभी भी कोरोना वैक्सीन का विरोध नहीं किया था। भाजपा केवल दुष्प्रचार करती है।

81 वर्ष के मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को मेदांता हॉस्पिटल में वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। इस बात की जानकारी समाजवादी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दी गई है। मुलायम सिंह से पहले उनकी बहू अपर्णा यादव ने भी पिछले महीने लखनऊ के लोकबंधु हॉस्पिटल में वैक्सीन लगवाई थी। इस बीच वैक्सीन लगवाते सपा संरक्षक की तस्वीर ट्वीट करते हुए यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश यादव पर तंज भी किया।

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर स्वदेशी वैक्सीन लगवाने के लिए मुलायम सिंह यादव को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि आपका वैक्सीन लगवाना इस बात का प्रमाण है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाई थी। इसके लिए अखिलेश यादव को माफी मांगनी चाहिए। वहीं, यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी ट्वीट कर कहा कि मुलायम सिंह यादव ने वैक्सीन लगवाकर एक अच्छा संदेश दिया है। आशा करता हूं कि सपा के कार्यकर्ता एवं उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी अपनी पार्टी के संस्थापक से प्रेरणा लेंगे।

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने भी मुलायम सिंह यादव के कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद उनके फोटो के साथ अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। पार्टी ने कहा कि 'अगर अखिलेश यादव की मानें तो आज समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने 'भाजपा' की वैक्सीन लगवा ली। अब वो भाजपा का प्रचार कर रहे हैं या अपने पुत्र द्वारा फैलाए गए भ्रम को तोड़ रहे हैं... ये आप तय कर लीजिए! हां, वैक्सीन जरूर लगवाइए!

बता दें कि इसी वर्ष जनवरी में सपा अध्यक्ष व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि 'मैं कोरोना का टीका नहीं लगवाऊंगा। ये टीका तो भाजपा वालों का है। मैं इस पर कैसे विश्वास कर सकता हूं। जब हमारी सरकार बनेगी तो सभी को फ्री में टीका लगेगा।' हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ही अखिलेश यादव के सुर कोरोना वैक्सीन को लेकर बदल गए थे। वह भाजपा सरकार से सभी लोगों को मुफ्त में वैक्सीन लगवाने की मांग करने लगे थे।

मई में अखिलेश यादव ने कहा था कि भाजपा की सरकार सभी को फ्री वैक्सीन देने का ऐलान जल्द करे और हवा-हवाई बातें छोड़कर बताए कि वैक्सीन लगाने के लिए सरकार के पास क्या ठोस योजना है और किस तारीख तक यह काम पूरा होगा। उन्होंने ट्विटर पर पहले टीका फिर परीक्षा का अभियान भी चलाया था।

वहीं, सपा ने कोरोना वैक्सीन पर यू-टर्न लेते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने कभी भी कोरोना वैक्सीन का विरोध नहीं किया था। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि वैक्सीन कोई भाजपा ने तो बनाई नहीं है जो इसका विरोध किया जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तो इसे सभी को फ्री में लगाने की सरकार से मांग की थी। साथ ही यह कहा था कि सरकार यह बताए कि गरीबों को कब तक मुफ्त में वैक्सीन लग जाएगी। भाजपा केवल दुष्प्रचार करती है।

इंटरनेट मीडिया पर ट्रोल हुए अखिलेश : मुलायम सिंह के कोरोना का टीका लगवाते ही इंटरनेट मीडिया पर सपा अध्यक्ष व उनके पुत्र अखिलेश यादव खूब ट्रोल हुए। लोगों ने अखिलेश की फोटो टैग करके पूछा कि क्या आपकी सरकार बन गई है। नेता जी को सपा वाली वैक्सीन लगाई गई है क्या। एक यूजर ने तो लिखा कि आपके पिताजी ही आपके ऊपर भरोसा नहीं करते हैं, इसलिए उन्होंने मोदी सरकार की वैक्सीन लगवा ली है।

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