देश मे नफ़रत का माहौल कैसे बना ?

देश मे नफ़रत का माहौल कैसे बना ?

देश मे नफ़रत पिछले सात वर्षों में नफ़रत का माहौल बनाने में भाजपा के खरीदे हुए चैनल जिन्हें आज हम गोदी मीडिया के नाम से जानते हैं का बहुत बड़ा योगदान रहा .... पिछले सात वर्षों मे हर एक दिन हिंदू मुस्लिम, इसलाम और हिंदूत्व की चर्चा जिनमें कुछ जाहिल पंडित और जाहिल मौलाना बैठे दिखते हैं और एंकर उनको आपस मे ऐसे मुद्दों पर बहस करवाता है जिनका ज्ञान उन्हें होता ही नहीं ...एक हवा चलाते है कि दोनो धर्मों को एक दूसरे से खतरा है।

फैसबुक और वाट्सएप ने देश भर में खासकर से युवाओं मे अपनी एक अलग जगह बना ली है जहां ये ज़हर फैलाना बहुत ही आसान है बस एक फ़ोटो बनानी है जिसमें हिंदू धर्म के लिए आपत्तिजनक भाषा लिखी हो और इसलाम धर्म के लिए आपत्तिजनक भाषा लिखी हो और वो वाइरल करदो बस कंमेंट बोक्स मे बेरोजगार युवा लग जाता है अपने धर्म का रक्षक बनने।

ऐसे ही भाजपा IT सैल का सबसे आज़माया हूआ फार्मूला है मरे हुए लोगो जो इतिहास मे दफन हो गए उनपर चर्चा करवाना युवाओं से फैसबुक वाट्सएप पर जैसे  बाबर , टीपू सुल्तान, अलाउद्दीन इत्यादि मुस्लिम शासकों को हिंदू विरोधी बताना हिंदू टाएमलाईन पर और शिवाजी महाराज, महाराना प्रताप इत्यादि हिंदू शासकों को मुस्लिम विरोधी बताना मुस्लिम टाएमलाईन पर।

ऐसे ही कांग्रेस पार्टी के लीडर्स जैसे गांधी, नेहरू, मौलाना आज़ाद, इत्यादि कई नेता जिन्होंने अंग्रेजों से भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष किया उनको फैसबुक, वाट्सएप पर बुरा भला कहलवाना एक आम सी बात है भाजपा के IT cell के लिए युवाओं के दिमाग को अपने  नियंत्रण मे रखने के लिए।

आंखें खोलिए और सचेत रहिए की कौन आपको आपस मे लड़ा रहा है धर्म के नाम पर इससे पहले आप राक्षस बन जाएं।

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