शनि जयंती और सूर्य ग्रहण का अद्भुत संयोग है आज।
शनि जयंती और सूर्य ग्रहण का अद्भुत संयोग है आज।

बोकारो से संगीता की रिपोर्ट

जहां एक तरफ आज बट सावित्री पूजा है तो वही आज सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है आपको बताते चलें कि पहला चंद्रग्रहण 26 मई को लगा था जबकि दूसरा ग्रहण 10 जून 2021 गुरुवार को लगने जा रहा है जो एक सूर्य ग्रहण होगा जो आंशिक रूप से भारत में दिख सकता है ग्रहण दोपहर 1:42 पर शुरू होगा जो शाम 6:41 पर समाप्त होगा इससे पहले शनि जयंती पर सूर्य ग्रहण 26 मई 1873 को हुआ था आपको बता दें कि सूर्य और शनि देव पिता पुत्र है और पौराणिक मान्यता है कि दोनों में मतभेद और अलगाव रहे हैं इस बार ज्येष्ठ भावुका अमावस्य गुरुवार के दिन पड़ने वाले जयंती तथा सूर्य ग्रहण धृति  तथा शूल योग के अधीन एक ही दिन पढ़ने से 10 जून का दिन विशेष होगा तिथि काल गणना के मुताबिक 148 साल बाद यह मौका आया है कि शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।

सूर्य ग्रहण पर जरूर करें यह काम

आजकल घरों में पीने का पानी भी भर कर रखा जाता है ऐसे नहीं पीने के पानी में धूल कर साफ किए गए तुलसी के पत्ते और कुछ बूंदे गंगाजल की मिला दे इससे यह दूषित नहीं होगा
खाने की बनी हुई चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दे दूध में भी तुलसी डालना ना भूले तुलसी के पत्ते ग्रहण के समय निकलने वाली हानिकारक तरंगों से भोजन को दूषित नहीं होने देते।

सनातन धर्म में कई कार्य को सूतक काल के दौरान करने की मनाही है इस समय मैं खाना नहीं खाना चाहिए ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर में झाड़ू लगाकर गंगाजल का छिड़काव करें भगवान के मंदिर के गंगाजल चढ़कर पवित्र करें और धूप दीप कर उन्हें ढूंढ अवश्य लगाएं सूर्य के साथ-साथ आज शनि अमावस्या भी है इसलिए दान पुन और पूजन करना शुभ होता है


ग्रहण कई जगह पर भारत में नहीं दिखेगा ऐसे में धार्मिक मान्यता के अनुसार इस का सूतक काल मान्य नहीं होगा तो है दिखाई देगा सूर्यग्रहण इस साल वलयाकार सूर्यग्रहण ग्रीनलैंड उत्तरी पूर्वी कनाडा उत्तरी ध्रुव और रूसी फास्टेस्ट के कुछ हिस्से में दिखेगा जबकि यूरोप उत्तरी अमेरिका एशिया और कटिंग और अंक लाने का क्षेत्र में आंशिक रूप ग्रहण होगा भारत में अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों को छोड़कर सूर्य ग्रहण 2021  दिखाई नहीं देगा जबकि ग्रीनलैंड में अस्थाई समय के अनुसार दोपहर के समय चरम पर पहुंचने पर रिंग ऑफ फायर दिखाई देगा

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